वर्णाश्रम

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

वर्णाश्रम संज्ञा पुं॰ [सं॰] वर्ण और आश्रम । ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र ये चार वर्ण तथा ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, बानप्रस्थ और संन्यास ये चार आश्रम । उ॰—वर्णाश्रम की नव स्फुरित ज्योति, नूतन विलास ।—अपरा, पृ॰ २०१ । यौ॰—वर्णाश्रम गुरु=शिव । वर्णाश्रम धर्म=वर्णो और आश्रमों के कर्तव्य ।