विपुला

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

विपुला संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. पृथ्वी । वसुंधरा ।

२. एक प्रकार का छंद, जिसके प्रत्येक चरण में भगण, रगण और दो लघु होते है ।

३. आर्या छंद के तीन भेदों में से जिसके प्रथम चरण में १८, दूसरे में १२, तीसरे में १४ और चौथे में १३ मात्राएँ होती हैं ।

४. विपुल नामक पर्वत की अधिष्ठात्री देवी ।

५. एक प्रसिद्ध सती जो बहुला के नाम से प्रसिद्ध है ।

६. एक ताल का नाम । (संगीत) ।