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विरञ्चि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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विरंचि संज्ञा पुं॰ [सं॰ विरच्चि] सृष्टि रचनेवाला, ब्रह्मा । विधाता । उ॰—संचि विरंचि निकाई मनोहर लाजाति मूरतिवंत बनाई । तापर तो बड़ भाग बड़े मतिराम लसैं पति प्रीति सुहाई ।— मतिराम (शब्द॰) ।