सामग्री पर जाएँ

व्रणग्रंथि

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

व्रणग्रंथि संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ व्रणग्रन्थि] वह गांठ जो फाडे़ के ऊपर हो जाती है । बैद्यक में इसकी गणना रागा में होती है ।