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व्रतति

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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व्रतति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. विस्तार ।

२. लता । उ॰—डोलने लगी मधुर मधुवात, हिला तुण, व्रतर्ति कुंज, तरू पात । —गुंजन, पृ॰४७ । यौ॰—व्रततिवलय = (१) लताओँ का कंकण । (२) लताओँ का घेरा वा आवेष्टन ।