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व्रीध

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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व्रीध पु † संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ वृद्धि] दे॰ 'वृद्धि' । उ॰—बाँका हरष न व्रीध सूँहाण हुवाँ नँह सोक । हरि संतोष दिया हिए तिणनूँ दीध त्रिलोक ।—बाँकी॰, ग्रं॰, भा॰ ३, पृ॰ ६३ ।