शकरपारा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

शकरपारा संज्ञा पुं॰ [पा॰ शकरपारहु]

१. एक प्रकार का फल जो नीबू से कुछ बड़ा होता है । विशेष—इसका वृक्ष नीबू के वृक्ष के समान होता है, पर पत्ते नीबू से कुछ बड़े होते हैं । फूल कुछ लाल रंग के होते हैं, फल सुगंधित और खट्टा मीठा होता है ।

२. एक प्रकार का प्रसिद्ध पकवान जो बरफी की तरह चौकोर कटा हुआ होता है । विशेष—यह मीठा भी बनता है और नमकीन भी । इसके बनाने के लिये पहले मैद में मोयन डालकर उसे दूध या पानी से गुँथते हैं और तब उसे मोटी रोटी की तरह बेलकर छुरी आदि से छोटे छोटे चौकोर टुकड़ों में काटकर घी में तल लेते हैं । यदि नमकीन बनाना होता है तो मैदा गुँधते समय ही उसमें नमक, अजवायन आदि डाल देते हैं और यदि मीठा बनाना होता है, तो कटी हुई टुकड़ियों कोतलने के बाद चीनी के शोरे में पाग लेते हैं ।

३. रुईदार कपड़े पर की एक प्रकार की सिलाई जो शकरपारे के आकार की चौकोर होती है ।

४. माशूक, जिसकी अदाएँ मीठी लगती हैं (को॰) ।