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शणपुष्पी

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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शणपुष्पी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक प्रकार की वनस्पति जो साधारणतः बनसनई कहलाती है । विशेष—यह छोटी और बड़ी दो प्रकार की होती है । छोटी शणपुष्पी प्रायःसब प्रांतों में पाई जाती है । इसका क्षुप, पत्ते, फूल इत्यादि सन के ही समान होते हैं, किंतु क्षुप सन से छोटा होता है । इसके फूल पीले, फलियाँ मटर के समान गोल और लंबी होती है । यह कड़वी, वमनकारक और पारे को बाँधने- व ली कही गई है । इसके फल सूख जाने पर अंदर के बीजों के कारण झन झन शब्द करते हैं; इसी से इसे झुनझुनियाँ कहते हैं । बड़ी शणपुष्पी प्रायः वाटिकाओं में लगाते हैं । इसका क्षुप, पत्ते आदि छोटी शणपुष्पी से बड़े होते हैं और फूल सफेद रंग के होते हैं । यह कसैली, गरमी और पारे को बाँधनवाली कही गई है और मोहन, स्तंभन आदि में व्यवहार की जाती है ।

१. अरहर । आढकी । रहर ।