शतशत
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शतशत वि॰ [सं॰ शत का द्वित्व प्रयोग] सैकड़ों । अनंत । उ॰— जग के सर से सरस्वता शतशत रुपों की निकली क्षिप, भंद, गति, रंकों की, भूपों की ।—अपरा, पृ॰ १९४ ।
शतशत वि॰ [सं॰ शत का द्वित्व प्रयोग] सैकड़ों । अनंत । उ॰— जग के सर से सरस्वता शतशत रुपों की निकली क्षिप, भंद, गति, रंकों की, भूपों की ।—अपरा, पृ॰ १९४ ।