शतावधान
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शतावधान संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. वह मनुष्य जो एक साथ बहुत सी बातें सुनकर उन्हें सिलसिलेवार याद रख सकता हो और बहुत से काम एक साथ कर सकता हो । श्रुतिधर । विशेष—कुछ मेधावी लोग ऐसे होते हैं जो एक साथ बहुत से काम करने का अभ्यास करते हैं । जैसे,—एक आदमी रह रहकर कुछ संख्या या अंकों का नाम लेता है । दुसरा आदमी रह रहकर घड़ियाल बजाता है । तीसरा आदमी किसी ऐसी भाषा के वाक्य के शब्द बोलता है जिससे शतावधान करनेवाला मनुष्य अपारचित होता है । एक आदमी पूर्ति के लिये कोई समस्या देता है । एक ओर शतरंज का खेल होता रहता है । शतावधान का यह कर्तव्य होता है कि वह संख्याओ और अपरिचित भाषा के वाक्य के शब्द याद रख, समस्या की पू्र्ति करे और शतरंज खेलता चले, ओर इसी प्रकार और जितने काम होते हों, उन सबमें संमिलित; और अंत में सबका ठीक ठीक उत्तर दे और सब काम ठीक ठीक पूरे उतारे ।
२. शतावधान का काम ।