शवरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शवरी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. शवर जाति की श्रमणा नाम की एक तपस्विनी । विशेष—सीता जी को ढूँढ़ते हुए रामचंद्र जी इस तपसी के आश्रम में पहुँचे थे । इसने राम की अभ्यर्थना की थी और उन्हीं की अनुमति से उनके सामने ही चिता में प्रविष्ट होकर यह स्वर्ग को सिधारी थी ।
२. शवर जाति की स्त्री ।