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शहवत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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शहवत संज्ञा स्त्री॰ [अ॰]

१. कामानुरता । काम का उद्रेक । स्त्री- प्रसंग की प्रबल आकांक्षा । उ॰—ना जोरू ना मर्द है ना शहवत ना साख । ना माय ना बाप है ना बेटा ना आख ।—दाक्खिनी॰, पृ॰ ३८४ । क्रि॰ प्र॰—उठाना ।—होना ।

२. भाग विलास । विषय । मैथुन । यौ॰—शहवतपरस्त = कामुक । भागा । विषया । शहवतपरस्ता = कामुकता । ऐयाशी ।