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शालाक्य

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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शालाक्य संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. आयुर्वेद के अंतर्गत आठ प्रकार के तंत्रों में से एक तंत्र जिसमें, कान, आँख, नाक, जीभ, होठ, मुँह आदि के रोगी और उनकी चिकित्सा का विवरण है ।

२. वह चिकित्सक जो आँख, नाक, कान, मुँह आदि के रोगो की चिकित्सा करता हो । यौ॰—शालाक्यतंत्र = दे॰ 'शालाक्य' । शालाक्य शास्त्र ।