शालिधान
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शालिधान संज्ञा पुं॰ [सं॰ शालिधान्य] बासमती चावल । विशेष—यह धान जेठ मास में बोया जाता है और अगहन के अंत या पूस के आरंभ में पककर तैयार हो जाता है । इसे अगहनी या हैसंतिक शालिधान्य भी कहते हैं । इसका पौधा मिट्टी तथा देश का अनुसार दो हाथ से लेकर तीन हाथ तक उँचा होता है । इसके पत्ते साधारण धान के समान होते हैं पर उनकी अपेक्षा कुछ कड़े और चिकने होते हैं । यह छोटा और बड़ा दो प्रकार का होता है । भेद इतनी ही है कि छोटा पहले पकता है और बड़ा कुछ देर में । यह धान बिना कुटे हुए सफेद होता है और बहुत बारीक तथा सुदंर होता है । चावलों में यह सबसे उत्तम माना जाना है ।