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शिक्या

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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शिक्या संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. बहँगो को दोनों छोरों पर बँधा हुआ रस्सी का जाल जिसपर बोझ रखते हैं ।

२. छत में लटकता हुआ रस्सी का जालीदार संपुट जिसपर दूध, दही आदि का मटका रखते हैं । छींका । झोंका । सिकहर ।

३. तराजू की रस्सी ।

४. बहँगो पर लटकाकर ले जाया जानेवाला बोझ (को॰) ।