शिखरिणी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शिखरिणी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. रसाल ।
२. नारीरत्न । स्त्रियों में श्रेष्ठ ।
३. रोमावला ।
४. मल्लिका । बेला । मोतिया ।
५. नेवारी का पौधा ।
६. किशमिश । लघुद्राक्षा ।
७. मूर्वा । मरोड़- फली । मुरहरी ।
८. दही और चीना का रस या शर्बत ।
९. सत्रह अक्षरों की एक वर्णवृत्ति जिसमें क्रमशः यगण, मगण, नगण, सगण, भगण, लघु और गुरु होते हैं तथा छठे और ग्यारहवें वर्ण पर यति होती है । जैसे,—शिला पै गेरू तें कुपित ललना तोहि लिखि कै ।
शिखरिणी ^२ वि॰ स्त्री॰
१. शिखर या चूड़ा़वाली ।
२. नोकदार । अनीदार [को॰] ।