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शिग्रुक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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शिग्रुक संज्ञा पुं॰ [सं॰] दे॰ 'शिग्रु' । सहिजन । विशेष—मनु ने वानप्रस्थ आश्रमी लोगों के लिये इसके भक्षण का निषेध किया है । मेधातिथि और कुल्लूक ने इसे वाह्लिक देशोद्भव कहा है ।