शिरमौर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शिरमौर संज्ञा पुं॰ [सं॰ शिरस् + सं॰ मुकुट, प्रा॰ मउड़]
१. शिरो- भूषण । मुकुट ।
२. श्रेष्ट व्यक्ति । मुख्य व्यक्ति । प्रधान । उ॰— हम खेलब तव साथ, होइ नीच सब भाँति जो । कह्मौ बचन कुरुनाथ, शकुनी तो शिरमौर मम ।—सबल (शब्द॰) ।
२. अधिपति । नायक ।