शिवलिंगी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शिवलिंगी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ लिङ्गिनी] एक प्रकार की प्रसिद्ध लता जौ चौमासे में जंगलों और झाड़ियों में बहुत अधिकता से मिलती है । पचगुरिया । बिजगुरिया । विशेष—इसकी डंडियाँ बहुत पतली और पत्ते करेले के पत्तों के समान ३ से ५ इंच के घेरे में गोलाकार, गहरे, कटे किनारेवाले और ५-७ भागों में विभक्त रहते हैं । पत्रदंड की जड़ में ५-६ फूलों के छोटे छोटे गुच्छे लगते हैं । ये फूल पीले होते हैं । इसका व्यवहार ओषधि के रूप में होता है । वैद्यक के अनुसार यह चरपरी, गरम, दुर्गधयुक्त, पौष्टिक, शोधक, गर्भ- धारण करनेवाली और कुष्ट आदि का नाश करनेवालो होती है । इसके फलने पर इसका सर्वांग ओषाधि के निमित्त सग्रह किया जाता है । पर्या॰—लिंगिनी । ईश्वरलिंगी । चित्रफला । बहुपत्रा । शिव वल्लिका ।
शिवलिंगी वि॰ [सं॰] शैव । शिवलिंग की पूजार्चा करनेवाला ।