सामग्री पर जाएँ

शिषि

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

शिषि पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ शिष्य] दे॰ 'शिष्य' । उ॰—(क) जहँ शिषि तहँ ते गुरु पर्यंता । प्रगटे पद्मिनि पत्र अनंता । —रघुराज (शब्द॰) । (ख) अरु बिचारी शिषि करौं न तोही । बाट न रोकु जान दे मोही । —विश्राम (शब्द॰) ।