शुषिर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शुषिर ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. लौंग ।
२. अग्नि ।
३. मूसा । चूहा ।
४. बिल । गड्ढा । विवर ।
५. आकाश ।
६. वह बाजा जो मुँह से फूँककर बजाया जाता हो । जैसे, वंशी, अलगोजा, शहनाई आदि ।
शुषिर ^२ वि॰ छिद्रयुक्त । छेदवाला । सूराखदार [को॰] ।