शूची
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शूची संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ सूची] सूई । उ॰—भक्ति सार तब करत भे, शंकर सों परिहास । शूची छिद समानवर, देहु नाथ कैलास ।—रघुराज (शब्द॰) ।
शूची संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ सूची] सूई । उ॰—भक्ति सार तब करत भे, शंकर सों परिहास । शूची छिद समानवर, देहु नाथ कैलास ।—रघुराज (शब्द॰) ।