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शूलदावानल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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शूलदावानल रस संज्ञा पुं॰ [सं॰] वैद्यक में एक प्रकार का रस । विशेष—यह दो तरह से बनता है—(१) शद्ध पारा, शुद्ध सींगी मुहरा, काली मिर्च, पिप्पली, सोंठ, भुनी हींग, पाँचो नमक, इमली का खार, जंभीरी का खार, शंखभस्म और नीबू के रस के योग से बनता है और शूल रोग को तत्काल दूर करता है । (२) शुद्ध पारा, शुद्ध गंधक, सिंगी मुहरा, पिप्पली, भूनी हींग,पाँचो नमक, इमली के खार और नीबू के रस में भुने हुए शंख की राख तथा नीबू के रस से बनता है और शूल, अजीर्ण, उदररोण और मंदाग्नि को दूर करता है ।