शूलना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शूलना पु क्रि॰ अ॰ [हिं॰ शूल + ना (प्रत्य॰)]
१. शूल के समान गड़ना ।
२. दुःख देना । पीड़ा देना । कष्ट देना । उ॰—(क) सो युधि यदुनंदन नहिं भूलत । सुमिरि सुमिरि अजहूँ, उर शूलत ।—सबल (शब्द॰) । (ख) लै लै पिय को नाम ठाँव हमरो नहिं छोड़ै । कठिन तुम्हारो बोल जाइ हिरदै में शूलै ।— गिरधर (शब्द॰) ।