शौलिकि
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]शौलिकि संज्ञा पुं॰ [सं॰] योगशास्त्र के अनुसार धौति, नेति आदि छह प्रकार के कर्मों में से एक कर्म । इसमें दाहिने नथने से धीरे धीरे साँस खींचते हुए बाएँ नथने से छोड़ते हैं; और फिर बाएँ नथने से खींचते हुए दाहिने नथने से छोड़ते हैं । कहते हैं, इस क्रिया द्वारा कफ के दोष का शमन होता है ।