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श्यामसुंदर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्यामसुंदर संज्ञा पुं॰ [सं॰ श्यामसुन्दर]

१. श्रीकृष्ण का एक नाम । उ॰—लिये उठाय श्यामसुंदर को थन गहि कै मुख लीन्हों ।— सूर (शब्द॰) ।

२. एक प्रकार का वृक्ष । विशेष—यह वृक्ष कद में बहुत ऊँचा होता है । इसकी छाल प्रारंभ में उज्वल होती है; परंतु ज्यों ज्यों यह पुराना होता जाता है, त्यों त्यों छाल काली होती जाती है । इसके हीर की लकड़ी चमकदार होती है । पहाड़ों पर यह चार हजार फुट की ऊँचाई तक पाया जाता है । इसकी लकड़ी प्रायः बढ़िया चीजों के बनाने में काम आती है । इससे खेती के औजार भी बनाए जाते हैं ।