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श्रप्प

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रप्प संज्ञा पुं॰ [सं॰ सर्प] दे॰ 'सर्प' । उ॰—अगनि होत्र बरमेद, मध्य जग मेध श्रप्प बर ।—पृ॰ रा॰, ५५ ।४० ।