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श्रयना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रयना पु वि॰ सं॰ [सं॰ स्रवण] श्रयण करना । आश्रय करना या लेना । उ॰—इकै श्रइ कीरति अमृत एक । कछुक कवित्त सुघारौं विसेक ।—पृ॰ रा॰, १२३३४ ।

२. गिराना । बहाना । दे॰ 'श्रवना' ।