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श्रवन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रवन पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ श्रवण]

१. श्रवण । कान । उ॰—(क) नयन बैन औ श्रवन ये सबही तोर प्रसाद । सेवा मोर यही नित बोलौं आसिरबाद ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) नैन राच्यो रूप सो श्रवनूँ राच्यो नांद ।—सुंदर॰ ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ १८० ।

२. दे॰ 'श्रावण' । उ॰—श्रवन मास नौमी तिथि लग्गिय ।—प॰ रासो, पृ॰ १५९ ।

३. आकर्णन । अकनना । श्रवण करना । सुनना ।