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श्रीकरण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रीकरण संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. कलम । लेखनी ।

२. कायस्थों की शाखा या उपजाति का नाम ।

१. उत्तर कोशल की राजधानी का नाम (को॰) ।