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श्रीचक्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रीचक्र संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. तांत्रिकों के अनुसार एक प्रकार का चक्र या यंत्र । विशेष—इसका व्यवहार देवी के पूजन में, विशेषतः त्रिपुरासुंदरी देवी के पूजन में होता हैं ।

२. भूमंडल ।

३. इंद्र के रथ का एक चक्र (को॰) ।