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श्रीबंधु

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रीबंधु संज्ञा पुं॰ [सं॰ श्रीबन्धु]

१. अमृत ।

२. चंद्रमा ।—अनेकार्थ॰, पृ॰ ३० ।