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श्रीमद

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रीमद संज्ञा पुं॰ [सं॰] धनमद । संपत्ति का गर्व । उ॰—(क) श्रीमद बक्र न कीन्ह केहि प्रभूता बधिर न काहि । मृगलोचनि के नैनसर को अस लाग न जाहि ।—मानस, ७ ।७० । (ख) ऐ परि यह श्रीमद है जैसो । बड़ अनर्थकर अवर न ऐसो ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ २५२ ।