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श्रीहत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रीहत वि॰ [सं॰]

१. शोभारहित ।

२. निस्तेज । निष्प्रभ । प्रभाहीन । उ॰—(क) नमित सीस सोचहिं सलज्ज सब श्रीहत सरोर ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) वे शेर हो गए आज रण भए में श्रीहत खंडित ।—अपरा, पृ॰ ४७ ।