श्रुतिकटु
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]श्रुतिकटु संज्ञा पुं [सं॰] काव्यरचना में एक दोष । कठोर और कर्कश वर्णों का व्यवहार । दुश्रवत्व । विशेष—द्वित्व वर्ण, टवर्ग और मूर्धन्य वर्ण कठोर माने गए हैं । श्रुतिकटु नित्य दोष नहीं हैं, अनित्य दोष है क्योंकि यह सर्वत्र दोष नहीं होता, केवल श्रृंगार, करुण आदि कोमल रसों में कठोर वर्ण दोषाध्यायक होते हैं, वीर, रौद्र आदि में नहीं ।