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श्रृंगाटक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रृंगाटक संज्ञा पुं॰ [सं॰ श्रृङ् गाटक]

१. प्राचीन काल का एक प्रकार का खाद्य पदार्थ जो मांस से बनाया जाता था ।

२. एक मर्मस्थान जो सस्तक में उस स्थान पर माना जाता है, जहाँ नाक, कान, आँख और जीभ से संबंध रखनेवाली चारों शिराएँ मिलती हैं । विशेष—कहते हैं, यह मर्मस्थान चार अंगुल का होता है और इसके चारों ओर से चारों शिराएँ निकलती हैं; इसी से इसे श्रृंगाटक कहते हैं । यह भी माना जाता है कि इस स्थान पर चोट लगने से तुरंत मृत्यु हो जाती है ।

३. सिंघाड़ा । दे॰ 'श्रृंगाट' ।

४. तीन चोटियोंवाला पहाड़ (को॰) ।

५. द्वार । दरवाजा (को॰) ।

६. एक प्रकार का सिंघाड़े के आकार का पकवान । समोसा (को॰) ।

७. चौराहा (को॰) ।

८. काँटा । कंटक (को॰) ।