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श्रेष्ठी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्रेष्ठी संज्ञा पुं॰ [सं॰ श्रेष्ठिन्]

१. व्यापारियों या वणिकों का मुखिया । प्रतिष्ठित व्यवसायी । महाजन । सेठ ।

२. बड़ा व्यापारी । श्रीष्ठ व्यापारी ।—हिंदु॰ सभ्यता, पृ॰ ७८ ।