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श्लेष्मोदर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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श्लेष्मोदर संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का उदर रोग । उ॰— श्लेष्मोदर रोग में हाथ पैर आदि अंगों में शून्यता होय और जकड़ जाँय ।—माधव॰, पृ॰ १९४ । विशेष—इसमें कफ के विकार के कारण हाथ, पैर आदि में शून्यता आ जाती है । पेट चिकना, सफेद, कड़ा तथा ठंढा मालूम पड़ने लगता है ।