षटबदन
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]षटबदन पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ षट् + वदन] (छह् मुँहवाले) कार्तिकेय । उ॰—तब जनमेउ षटबदन कुमारा । तारकु असुर समर जेहिं मारा ।—मानस, १ । १०३ ।
षटबदन पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ षट् + वदन] (छह् मुँहवाले) कार्तिकेय । उ॰—तब जनमेउ षटबदन कुमारा । तारकु असुर समर जेहिं मारा ।—मानस, १ । १०३ ।