षटबदन

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

षटबदन पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ षट् + वदन] (छह् मुँहवाले) कार्तिकेय । उ॰—तब जनमेउ षटबदन कुमारा । तारकु असुर समर जेहिं मारा ।—मानस, १ । १०३ ।