संकरीकरण

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

संकरीकरण संज्ञा पुं॰ [सं॰ राङ्करीकरण]

१. नौ प्रकार के पापों में से एक प्रकार का पाप जो गधे, घोड़े, ऊँट, मृग, हाथी, बकरी, भैड़, मीन, साँप या भैंसे का बध करने से होता है । इसके प्रायश्चित के लिये कुच्छु या अतिकृच्छ व्रत करने का विधान है ।

२. दो पदार्थों को एक में मिलाने की क्रिया ।

३. वर्णसंकरता करना । दो विभिन्न वर्ण या जातियों में संबंध करना ।