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संतर्जन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संतर्जन संज्ञा पुं॰ [सं॰ सन्तर्जन]

१. डाँट डपट करना । भर्त्सना करना । डराना धमकाना ।

२. कार्तिकेय के एक अनुचर का नाम ।