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संतार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संतार संज्ञा पुं॰ [सं॰ सन्तार]

१. पार करना । पार जाना ।

२. नदी आदि का वह छिछला स्थान जहाँ से हलकर नदी पार की जा सके । घाट । तीर्थ [को॰] ।