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संताव

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संताव संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. यज्ञ में स्तुति करनेवाले ब्राह्मणों की अवस्थान भूमि ।

२. स्तुति । प्रशंसा ।

३. परिचय । जान पहचान ।

४. संमिलित स्ववन या स्तुति (को॰) ।