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संदान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संदान ^१ संज्ञा पुं॰ [फा़॰] एक प्रकार की निहाई जिसका एक कोना नुकीला ओर दूसरा चौड़ा होता है । अहरन । घन ।

संदान ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ सन्दान]

१. बंधन । रस्सी ।

२. बाँधने की सिकड़ी आदि ।

३. बाँधने की क्रिया ।

४. हाथी का गंडस्थल जहाँ से उसका मद बहता है ।

५. हाथी के पैरका वह भाग जिसमें साँकल बाँधी जाती है (को॰) ।

६. काटना । विभक्त करना (को॰) ।