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संधिकर्म

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संधिकर्म संज्ञा पुं॰ [सं॰ सन्धिकर्भ] संधि करना । सुलह करना । विशेष—संधि के मुख्य दो भेद हैं—चालसंधि और स्थावरसंधि । चालसंधि वह है जिसे दोनों पक्ष शपथ करके करते है; और स्थावर संधि वह है जो कुछ दे लेकर की जाती है । कौटिल्य में चालसंधि को बहुत ही स्थायी कहा है, क्योंकि शपथ खाकर की हुई संधि राजा लोग कभी नहीं तोड़ते थे । कामंदक ने १६ प्रकार की संधियाँ कही हैं ।