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संपाति

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संपाति संज्ञा पुं॰ [सं॰ सम्पाति]

१. एक गीध जो गरूड़ का ज्येष्ठ पुत्र और जटायु का भाई था ।

२. माली नाम राक्षस का उसकी वसुदा नामक भार्या से उत्पन्न चार पुत्रों में से एक पुत्र, यह विभीषण का मंत्री था ।

३. राम की सेना का एक बंदर ।