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संप्रसाद

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संप्रसाद संज्ञा पुं॰ [अं॰ सम्प्रसाद]

१. प्रसन्न करना । तुष्टीकरण ।

२. अनुग्रह । कृपा ।

३. शांति । सौभ्यता ।

४. विश्वास । भरोसा ।

५. आत्मा ।

६. सुषुप्त अवस्था की पूर्ण शांति । निद्रा में मानसिक विश्रांति [को॰] ।