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संबुल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संबुल संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ सुंबुल]

१. एक सुगंधित बनौषधि । बालछड़ । उ॰—नकली नदियों के किनारों पर पत्थर के नकली टीले बने हुए थे, जिनपर छोटे छोटे पानी के हौज तथा चारो ओर संबुल के घने जंगल लगे हुए थे ।—पीतल॰, भा॰ २, पृ॰ ३७ ।

२. गेहूँ अथवा जौ की बाल ।

३. केश । अलक । जुल्फ ।

संबुल खताई संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰] तुर्किस्तान का एक पौधा जो औषध के काम में आता है और जिसकी पत्तियों की नसें मिठाई में पड़ती हैं ।