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संश्रय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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संश्रय संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. संयोग । मेल । संबंध । समागम । लगाव । संपर्क ।

३. आश्रय । शरण । पनाह ।

४. सहारा । अवलंब ।

५. राजाओं का परस्पर रक्षा के लिये मेल । अभिसंधि । विशेष—स्मृतियों में यह राजा के छह् गुणों में कहा गया है और दो प्रकार का माना गया है—(१) शत्रु से पीड़ित हो कर दूपरे राजा को सहायता लेना; और (२) शत्रु से पहुँचनेवाली हानि की आशंका से किसी दूसरे बलवान् राजा का आश्रय लेना ।

६. पनाह को जगह । शरण स्थान ।

७. रहने या ठहरने की जगह । घर ।

८. विश्राम की जगह । विश्रामस्थान (को॰) ।

९. उद्देश्य । लक्ष्य । मतलब ।

१०. किसी वस्तु का अंग । हिस्सा ।