संस
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]संस पु ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ संशय] संशय । आशंका । उ॰—करणा करी छाँड़ि पगु दीनो जानी सुख मन संस । सूरदास प्रभु असुर निकंदन दुष्टन के उर गंस ।—सूर (शब्द॰) ।
संस † ^२ संज्ञा पुं॰ [देश॰ या सं॰ शस्य, प्रा॰ सस्स (=पैदावार, फसल)] उन्नति । बढ़ती । वृद्धि [को॰] ।